भांग पीने के बाद क्या होता है आपके शरीर में, कैसे नशा चढ़ता है जाने और क्या नुकसान होता है यह भी जान है
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होली का त्यौहार रंगों और मस्ती का त्यौहार है पारंपरिक तौर पर होली बड़े पैमाने पर लोग भांग का सेवन करते हैं वैसे भी भांग का सेवन भारत में प्राचीन काल से ही हो रहा है, इससे हमारी संस्कृति का हिस्सा भी माना जाता है, ड्राई फूड सो के साथ भांग पी से बनाई जाने वाली दूध की लड़ाई काफी लोकप्रिय है कहा जाता है कि भांग का स्वरूप कुछ अलग ही होता है, जानते हैं कि भांग का नशा किस तरह बॉडी पर काम या ज्यादा असर करता दिखाता है, यह नशा कितनी देर तक बना रहता है होली के दौरान भांग का इस्तेमाल ठंडाई और मिठाई से ज्यादा होता है, भांग का दूसरा अनुसार ही तुलना अलग तरह का होता है, क्योंकि यह काफी हद तक शरीर के तंत्र पर आप की पकड़ को खत्म कर देता है,
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असर कितना और कैसा
अब यह जानते हैं कि भांग की भाई पीने या फिर मिठाई खाने से असर किस मात्रा में होता है पावर भांग हल्की-फुल्की मात्रा में ली गई है तो निश्चित और इसका बहुत ज्यादा असर नहीं होगा और अगर वह भी ज्यादा समय के लिए नहीं, क्योंकि नियमों के साथ भांग को बारीक पीसकर बनाई गई ठंडाई काफी स्वादिष्ट होती है, लिहाजा अक्सर लोग इससे ज्यादा ही पी सर जाते हैं, इसके बाद वे जो भी काम करना शुरू करते हैं कई बार उन्हें नशे का दौरान लगता है कि वह ऐसा क्यों कर रहे हैं लेकिन इसके बाद भी करते रहते हैं, नशा चढ़ने के बाद उनका दिमाग खुल जाता है और एनर्जी उनकी बरकरार बढ़ जाती है उस कंडीशन में उनको सही और गलत करने का फैसला दिमाग ऑटोमेटिक कर देता है लेकिन फिर भी वह नहीं मानते हैं
कैसा हो जाता है मुंह का टेस्ट
नशा चढ़ने के बाद मुजीब का टेस्ट करवा सा हो जाता है, तब कुछ भी खाने पर उसका टेस्ट महसूस नहीं होता अक्सर सोने से सोने पर ऐसा लगता है कि आप बिस्तर से ऊपर उठकर उड़ते जा रहे हैं अगर आपने भांग का ज्यादा नशा किया है यह 213 दिनों तक भी आपको अपने पसर में लग सकता है, कई बार इसका प्रभाव हफ्ते भर भी रहता ही रह जाता है, कोई भी यह नहीं कह सकता कि भांग का नशा कब तक और कितनी देर में उतरेगा. कुछ लोग भांग सोचने का काम पैसे कमाने के लिए करते हैं|
वह लोग भांग सोते हैं क्योंकि इसकी प्राइस बहुत ही में ही होती है और यह 400 से ₹500 तो इंडियन कॉलेज में जाती है इसको लोग वह अपने पीते हैं यूज करते हैं तो उन लोगों का इस भाव से खर्चा भी चलता है तो को कुछ लोग पीते भी नहीं है फिर भी अपना काम करने के लिए इस चीज को पीते हैं और गोभी भांग का नशा करने में मस्त रहते हैं
भांग पीने से अस्पताल में जाने की भी नौबत आ जाती है
क्योंकि भांग खाने से शरीर पर आपका नियंत्रण खत्म हो जाता है तो यह स्थिति कई बार इतनी खतरनाक भी हो जाती है, कि आप को अस्पताल में ले जाना पड़ सकता है, लिहाजा अगर होली पर भांग का सेवन कर भी रहे हैं ख्याल रहे कि इसकी मात्रा ज्यादा नहीं हो,
कितनी देर में चढ़ने लगता है नशा
भांग का नशा तुरंत नहीं सोता, इसे असर में आने में 2 से 3 घंटे लग जाते हैं, लेकिन यह जब चढ़ना शुरू करता है चढ़ता ही जाता है और शुरू बढ़ने लगता है यह वह स्थिति है जब दिमाग तौर पर शरीर का नियंत्रण खत्म होने लगता है, मसलन इसके नशे को चढ़ने के बाद लोग याद तो लगातार हंसते रहते हैं या फिर रोती रहते हैं,
कहीं आपस में वाहन फेंकते हैं तो कहीं कीचड़ मैं गिरते हैं.
लगाता सेवन से कई तरह की समस्याएं
भांग भांग के लगातार सेवन से साइड इफेक्ट होता है इसका असर दिमाग पर चढ़ता है भांग का सेवन करने वालों में यूफोरिया, एंजायटी याददाश्त का असंतुलित होना, साइकिल मोटर पंप परफॉर्म, जैसी समस्याएं पैदा हो जाती हैं|
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याददाश्त ऊपर होता है इसका असर
आंखों और पाचन क्रिया के लिए भी अच्छा नहीं है जब भांग की पत्तियां कोचिला में डालकर उसी से धूम्रपान किया जाता है तो इसके रासायनिक की ओर योगिक तीव्रता से खून में प्रवेश करते हैं, सीधे दिमाग और शरीर के अन्य भागों में पहुंच जाते हैं|
ज्यादा नशा मस्तिष्क के उन रिसेप्टर्स को प्रभावित करता है, जो खुशी, इस मूर्ति, सोच, एकाग्रता, संवेदना और समय की धारणा को प्रभावित करते हैं,
भाग में रासायनिक युवाओं योगिक, आंख, कान, त्वचा और फ्रेंड को प्रभावित करते हैं
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