अगर गर्भावस्था के 6 महीने (लगभग 24 सप्ताह) पूरे हो गए हैं और डॉक्टर कह रहे हैं कि बच्चे का वजन कम है या बच्चा कमजोर है, तो इसे केवल घरेलू उपायों से ठीक करने की कोशिश न करें। पहले यह पता करना जरूरी है कि वजन वास्तव में गर्भ की उम्र के हिसाब से कम है या नहीं और कारण क्या है।
क्या करें
नियमित डॉक्टर/गायनेकोलॉजिस्ट से जांच कराएं
डॉक्टर अल्ट्रासाउंड में बच्चे की growth, पानी (amniotic fluid), placenta और blood flow देखकर स्थिति बताएंगे। जरूरत पड़ने पर Doppler भी कराया जाता है।
प्रोटीन वाला भोजन बढ़ाएं
दाल, चना, राजमा
दूध/दही/पनीर
अंडा, यदि खाते हैं
सोया/टोफू
मेवे और बीज
हर दिन पौष्टिक और पर्याप्त खाना खाएं
रोटी/चावल के साथ दाल या पनीर, सब्जियां, फल और दही जैसी चीजें शामिल करें। बहुत ज्यादा मीठा, तला हुआ और पैकेज्ड खाना बच्चे का स्वस्थ वजन बढ़ाने का सही तरीका नहीं है।
आयरन, फोलिक एसिड, कैल्शियम और अन्य सप्लीमेंट
जो डॉक्टर ने लिखे हैं उन्हें नियमित लें। अपनी तरफ से कोई वजन बढ़ाने वाली दवा, पाउडर या हर्बल चीज शुरू न करें।
आराम और पर्याप्त नींद लें
अत्यधिक मेहनत और तनाव से बचें। डॉक्टर ने विशेष आराम या activity restriction बताई हो तो उसका पालन करें।
धूम्रपान/तंबाकू और शराब से पूरी तरह बचें।
कब तुरंत अस्पताल जाएं
अगर बच्चे की हलचल पहले से बहुत कम हो जाए, पानी जैसा द्रव निकलने लगे, खून आए, तेज पेट दर्द/सिरदर्द हो, आंखों के सामने धुंधला दिखे या अचानक बहुत सूजन आए तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
महत्वपूर्ण: 6 महीने में बच्चे का वजन कम आने के कई कारण हो सकते हैं—कभी-कभी गर्भ की तारीख की गणना में अंतर भी होता है। इसलिए केवल “कम वजन” सुनकर घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन डॉक्टर की निगरानी जरूरी है
बिल्कुल। 6 महीने की गर्भावस्था में बच्चे की ग्रोथ के लिए एक सामान्य पौष्टिक डाइट इस तरह रखी जा सकती है:
सुबह उठने पर
1 गिलास गुनगुना दूध
4–5 भीगे बादाम + 1–2 अखरोट
नाश्ता
इनमें से कोई एक:
2 मूंग दाल/बेसन चीला + दही
2 अंडे + 1–2 रोटी
पोहा/उपमा + दही
दलिया + दूध
मध्य-सुबह
1 फल: सेब, अमरूद, संतरा, केला या अनार
नारियल पानी भी लिया जा सकता है।
दोपहर का खाना
2–3 रोटी या चावल
1 कटोरी दाल/राजमा/चना
1 कटोरी हरी सब्जी
दही/छाछ
सलाद अच्छी तरह धोकर
शाम
दूध या दही
भुना चना/मखाना/मूंगफली की थोड़ी मात्रा
जरूरत के अनुसार 1 फल
रात का खाना
2–3 रोटी
दाल/पनीर/सोया/अंडा/चिकन आदि में से प्रोटीन का स्रोत
हरी सब्जी
दही
सोने से पहले
1 गिलास दूध, यदि दूध पचता हो।
सबसे जरूरी: डॉक्टर द्वारा दी गई आयरन, फोलिक एसिड, कैल्शियम और अन्य दवाएं नियमित लें। यदि अल्ट्रासाउंड में बच्चे की ग्रोथ कम बताई गई है, तो केवल ज्यादा खाना खिलाने के बजाय डॉक्टर की बताई हुई growth scan/Doppler की निगरानी बहुत महत्वपूर्ण है।

