करोंदा का स्वादिष्ट अचार कैसे बनाएँ 2026 न्यू विधि

Parul Devi
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 करोंदा का अचार कैसे बनाएँ

(Long Term Storage के लिए संपूर्ण देसी विधि)

📌 करोंदा क्या है? (संक्षिप्त परिचय)



करोंदा एक खट्टा-मीठा फल है, जो भारत के कई हिस्सों में पाया जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम Carissa carandas है। करोंदा का उपयोग सबसे ज़्यादा अचार, चटनी और मुरब्बा बनाने में किया जाता है। इसका अचार स्वाद में तीखा, चटपटा और लंबे समय तक टिकाऊ होता है।

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🧠 करोंदा का अचार क्यों लंबे समय तक टिकता है?


करोंदा का अचार लंबे समय तक सुरक्षित रहता है क्योंकि:


इसमें प्राकृतिक खट्टापन होता है


नमक + तेल + मसाले प्राकृतिक प्रिज़रवेटिव का काम करते हैं


सही विधि से बनाने पर फंगस नहीं लगता

आवश्यक सामग्री (1 किलो करोंदा)

मुख्य सामग्री


करोंदा – 1 किलो (कच्चे या हल्के पके)


सरसों का तेल – 250 से 300 ml


नमक – 80–100 ग्राम (स्वाद अनुसार)


मसाले

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हल्दी पाउडर – 2 छोटी चम्मच


लाल मिर्च पाउडर – 2–3 बड़ी चम्मच


सौंफ – 4 बड़ी चम्मच


राई (सरसों दाना) – 3 बड़ी चम्मच


मेथी दाना – 2 छोटी चम्मच


कलौंजी – 1 छोटी चम्मच (optional)


हींग – ½ छोटी चम्मच


खट्टापन बढ़ाने के लिए (कोई एक)


सिरका – ½ कप

या


नींबू रस – ¾ कप


🔪 करोंदा की सही तैयारी (सबसे ज़रूरी स्टेप)


⚠️ यहीं गलती हुई तो अचार खराब होगा


करोंदा को 2–3 बार साफ पानी से धोएँ


अब पूरी तरह सुखाएँ


कपड़े पर फैलाकर


पंखे या छाया में


ध्यान रखें एक बूंद पानी भी न रहे


अब करोंदा को 2 या 4 टुकड़ों में काटें


बीज निकालना ज़रूरी नहीं (बीज से स्वाद बढ़ता है)


🌶️ मसाले बनाने की देसी विधि


तवा गर्म करें


सौंफ, राई, मेथी को हल्का सा भूनें


ठंडा होने पर दरदरा पीस लें


अब इसमें मिलाएँ:


नमक


हल्दी


लाल मिर्च


हींग


कलौंजी


➡️ मसाला ज्यादा महीन नहीं होना चाहिए


🍳 करोंदा का अचार बनाने की विधि (स्टेप बाय स्टेप)

Step 1: मिलाना


एक बड़े स्टील या काँच के बर्तन में


कटे करोंदा डालें


ऊपर से सारा मसाला डालें


अच्छे से हाथ या सूखे चम्मच से मिलाएँ

Step 2: तेल तैयार करना


सरसों का तेल तेज़ आँच पर गर्म करें


जब धुआँ निकलने लगे → गैस बंद करें


तेल पूरी तरह ठंडा होने दें


Step 3: अंतिम मिश्रण


ठंडा तेल करोंदा में डालें


सिरका या नींबू रस डालें


फिर से अच्छी तरह मिलाएँ


☀️ धूप में पकाने की विधि (Long Term Secret)


अचार को काँच / चीनी मिट्टी के जार में भरें


5–7 दिन रोज़:


3–4 घंटे धूप


रोज़ एक बार सूखे चम्मच से चलाएँ


7वें दिन करोंदा नरम हो जाएगा


तेल ऊपर तैरता दिखेगा (यही सही संकेत है)


🫙 अचार को 1–2 साल सुरक्षित रखने के नियम


✔️ हमेशा सूखा चम्मच

✔️ हाथ गीले न हों

✔️ अचार से ऊपर तेल होना चाहिए

✔️ ढक्कन एयरटाइट हो

✔️ नमी से दूर रखें


अचार खराब होने के कारण


करोंदा में नमी


कम नमक


कच्चा तेल


प्लास्टिक का जार


गीला चम्मच


🍽️ खाने का सही समय


10–15 दिन बाद खाने योग्य


1 महीने बाद स्वाद सबसे बेहतरीन


🌿 करोंदा अचार के फायदे


पाचन शक्ति बढ़ाता है


गैस, अपच में लाभ


भूख बढ़ाता है


विटामिन C से भरपूर


रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है


🧂 बिना सिरका वाला देसी करोंदा अचार


अगर आप चाहें तो:


सिरका न डालें


नमक थोड़ा बढ़ाएँ


धूप के दिन 10–12 रखें

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