गाजर का अचार बनाने की विधि
गाजर का अचार क्यों खास है
गाजर का अचार सर्दियों में बहुत लोकप्रिय होता है। यह स्वाद में खट्टा-तीखा होता है, पचने में हल्का रहता है और सही तरीके से बनाया जाए तो 6 महीने से 1 साल तक खराब नहीं होता।
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आवश्यक सामग्री
मुख्य सामग्री
लाल देसी गाजर – 1 किलो
सरसों का तेल – 250 ग्राम
मसाले
पीली सरसों (राई) – 100 ग्राम
सौंफ – 50 ग्राम
मेथी दाना – 25 ग्राम
कलौंजी – 10 ग्राम
लाल मिर्च पाउडर – 2 बड़े चम्मच (स्वादानुसार)
हल्दी – 1 छोटा चम्मच
नमक – 2½ बड़े चम्मच (स्वादानुसार)
हींग – ½ छोटा चम्मच
2 के लिए (कोई एक चुनें)
नींबू का रस – 4–5 बड़े चम्मच
या
सिरका – 2 बड़े चम्मच
गाजर तैयार करने की विधि
गाजरों को अच्छी तरह धोकर छील लें
गाजर को लंबी पतली फांक या मनचाहे टुकड़ों में काट लें
कटे हुए टुकड़ों को साफ कपड़े पर फैलाकर 1 दिन धूप में सुखा लें
– इससे नमी निकल जाती है और अचार जल्दी खराब नहीं होता
मसाला तैयार करने की विधि
सरसों, सौंफ और मेथी को हल्का सा भून लें
ठंडा होने पर इन्हें दरदरा पीस लें
अब इसमें नमक, हल्दी, लाल मिर्च और हींग मिला लें
अचार बनाने की विधि (स्टेप-बाय-स्टेप)
एक बड़ा सूखा बर्तन लें
उसमें सूखी गाजर डालें
तैयार मसाला डालकर अच्छी तरह मिलाएँ
अब सरसों का तेल धुएँ तक गरम करें और ठंडा होने दें
ठंडा तेल अचार में डालें और अच्छे से मिलाएँ
अंत में नींबू का रस या सिरका मिलाएँ
धूप दिखाने की प्रक्रिया
अचार को काँच या चीनी मिट्टी के जार में भरें
जार का ढक्कन हल्का बंद रखें
4–5 दिन तक रोज़ 2–3 घंटे धूप में रखें
रोज़ साफ सूखे चम्मच से हिलाते रहें
अचार कब खाने लायक होगा?
7–10 दिन में अचार पूरी तरह तैयार हो जाता है
स्वाद के साथ रंग भी गहरा और सुगंधित हो जाता है
लंबे समय तक सुरक्षित रखने के टिप्स
जार और चम्मच हमेशा सूखे रखें
पानी बिल्कुल न जाए
तेल अचार से ऊपर तक होना चाहिए
नमी वाले मौसम में फ्रिज में रखें
गाजर के अचार के फायदे
पाचन शक्ति बढ़ाता है
भूख खोलता है
सर्दियों में शरीर को गर्मी देता है
खाने का स्वाद बढ़ाता है
स्वाद बढ़ाने के देसी उपाय
चाहें तो थोड़ी हरी मिर्च भी काटकर डाल सकते हैं
थोड़ा अदरक डालने से खुशबू बढ़ती है
ज्यादा तीखा पसंद हो तो साबुत लाल मिर्च डालें
